Thursday, 4 July, 2013

प्रभात 40


ऊषा  ने  पलकें  खोली
धरा  बांवरी  सी  डोली 

हवा  मतवाली  सी  हो  ली
फूल, कलियों  डोल  के  बोली
उठ  जा  अब  तू  बहुत  सो  ली

usha ne palkein kholi
dhara banwri si doli
hawa matwali si ho li
phool, kaliyon dol ke boli
uth ja ab tu bahut so li

11.52 am

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