Sunday, 30 October, 2011

प्रभात 11


चन्द्र अस्ताचल को गया
सूर्य की सुनहरी रश्मियाँ फैली
बीते कर्मों को काल ग्रास कर गया
फिर नयी राह चलने को उमंगें चलीं
शुभ प्रभात

September 26 at 10:47am

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