Sunday, 30 October, 2011

प्रभात 12


छटने लगी है रात की कालिमा
प्रकाश से जग जगमगाने लगा
अज्ञानता-दीप में है ज्ञान-धृत भरा
जग पुनः जीने के लायक होने लगा
शुभ प्रभात
September 27 at 10:38am

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